Tagged: bikes

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क्या केवल सुपरबाइक पर चर्चा करके देश के बाक़ी हिंमाशु बंसलों को बचा पाएंगे ?

नाटकीय मौत नाटकीय हेडलाइन बनाते हैं। सुपरबाइक और सुपरकार से मौत, हेडलाइन को सेंसेशनल बनाते हैं। मुझे हेडलाइन के नाटकीय होने से आपत्ति नहीं,...

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अगर अाप चकित नहीं हो रहे तो फिर चेकअप की ज़रूरत है…

  भूमिका पार्ट-1: चकित होने का भाव कैसे आता है ? मेरे हिसाब से ये प्रोसेस कुछ ऐसा होता है…मन को कुछ अच्छा लगता...

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