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एकांकी : ये कैसा यज्ञ, ये कैसी आहुति जजमान । 

सबकी आँख पनियाई हुई है। सब ढों-ढों करके खांस रहे हैं। तीन-चार निपट लिए हैं, फर्श पर लोट रहे हैं। महिलाएं साड़ी से मुँह...

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