Category: satire

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देशभक्ति, एटीएम, नोटबंदी, सोशल मीडिया और फ़ुटबॉल में लुधकने का महात्म

स्कूल में खेले जाने वाले फ़ुटबॉल की याद आ रही थी। ये आमतौर पर ज़्यादा होने लगा है आजकल, कि तजुर्बे या उदाहरण से...

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छलकाए “जाम” गुरुग्राम

“अब कोई भी घटना इतनी निरपेक्ष भी नहीं हो सकती है, अलग अलग भी नहीं, एक दूसरे से सबका संबंध होता है. हर एक...

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बारिश में दिल्ली के ड्राइवर बौरा क्यों जाते हैं ?

क्या आप दिल्ली में रहते हैं ? या रहे हैं ? या फिर कभी आते-जाते रहे हैं ? या टीवी न्यूज़ देखते हैं ?...

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भोलेनाथ के नाम खुली चिट्ठी…

डियर भोलेनाथ, हो सकता है कि आप मुझे जानते हों, इसलिए नहीं कि मैं टीवी पर दिखता हूं, इसलिए क्योंकि आप तो ब्रह्मा-विष्णु-महेश में...

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ओलंपियन्स के नाम बरसाती फ़ैन की चिट्ठी

डियर ओलंपियन्स, आज छुट्टी थी तो शाम को टीवी पर एचडी चैनल लगाकर, आवाज़ तेज़ करके आपही सबको देख रहा था।आपमें से ज़्यादातर को...

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सीसीटीवी के गणतंत्र में बकासुर बना सोशल मीडिया 

इस बार एक माँ अपने छोटे दुधमुँहे बच्चे को मारती हुई सीसीटीवी में क़ैद हुई है। सिर्फ़ मारती नहीं है, उसे गले से पकड़...

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जुमला शाश्वत है। उसका ना ओर है । ना अंत। 

जुमला शाश्वत है। ना उसका ओर है ना अंत। ना वो दिखाई देता है ना सुनाई देता है, उसे सिर्फ़ महसूस किया जा सकता...

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प्राइवेट जेट की उत्पत्ति ना होता तो नेताओं का मनमुटाव कैसे मिटता ?

क्या आप कभी प्राइवेट जेट में गए हैं ? छोटे जहाज़ में ? हवाई वाले जहाज़ में ?  मैं कभी नहीं गया हूँ ।...

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अखिलेश यादव ने हिंदुस्तानी बेटों को सांत्वना दी है “वी आर सेम टू सेम”

हम भारतीयों को राजशाही की लत है। जब तक राजशाही की ख़ुराक नहीं मिलती पेट में मरोड़ उठता रहता है, सर घूमता रहता है,...

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राहुल गाँधी और अभिषेक बच्चन क्यों हैं युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत ?

वैसे तो बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि एक नई केंद्रीय नीति की मांग करते हुए ब्लैक फौंट में व्हाइटपेपर की बात...

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