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Category: satire

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“बयान”: एक सस्ती एंथ्रोपोलॉजिकल स्टडी

बयान ही दरअसल वो गोंद है जो मनुष्य से मनुष्य को, सांप को छुछंदर से, गधे को गधे से, पॉलटिक्स से मैथमैटिक्स को जोड़ता...

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मुद्दों को उठाने की ज़रूरत नहीं अब, मुद्दे अब उठे-उठाए आते हैं।

ताज़ा शोध बता रहा है कि अब जो नए मुद्दे आ रहे हैं वो परजीवी नहीं रहे, स्वावलंबी हो गए हैं। वो रेडीमेड उठे...

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राइट टू प्राइवेसी आयोग से लिस्ट में ऑफ़िस के वॉशरूम और शादी का बुफ़े को जोड़ने का आवेदन।

जहां पर मुझसे कोई सवाल ना करे मतलब शंका का लघु रहने दिया जाए, दीर्घ ना बनाया जाए। कोई मुझसे ना पूछे कि बलीनो...

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सुना मुख्यमंत्री जी ने ट्रैफ़िक जाम के बॉटलनेक पर रिपोर्ट मांगी है ?

आख़िरकार एक फ़ैसले की ख़बर आ रही है। वो फ़ैसला जो फ़ैसले पर पहुँचने के लिए किया जाता है। ये कि अफ़सर जाएं और...

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हिंदुस्तानी ग्राहक कार ख़रीद का फ़ैसला कैसे करते हैं और इस कार के लिए कैसे किया ?

गाड़ियों की ख़रीद आईपीएल टूर्नामेंट जैसी होती है, जहाँ फ़ाइनल मैच से पहले पता नहीं कितने सेमी फ़ाइनल, क्वार्टर फ़ाइनल और अद्धा फ़ाइनल खेले...

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मासूमियत तो जवानी में होती है, बचपन में कहाँ ? मासूमियत का ही तो क़त्लेआम हो रहा है ।

जवान मासूम है। वो अधेड़ उमर के बहकावे में आ जाता है…जवानी का मन बिना झिझक गाय को माँ मान लेता है, उस माँ...

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राहुल गाँधी को संन्यास लेने के लिए क्यों नहीं धकेल रहा सोशल मीडिया ?

फ़ेसबुक आज के युग का बोधि वृक्ष है इस पर तो किसी को आपत्ति हो नहीं सकती है और अगर है भी तो कौन...

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सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए शोभा डे को लिखी खुली चिट्ठी

शोभा जी, प्रणाम। (*अब डियर तो लिख नहीं सकते हैं, क्योंकि डियर बोलने पर मंत्री जी ने दूसरे नेता की भावनाओं को ऐसा थकूच...

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बॉलीवुड में क्यों है रोमांटिक जोड़ों का ओवरडोज़ और असल ज़िंदगी में क्यों पिटते हैं जोड़े ?

अगर आप दिल्ली में कार चलाते हैं और आपके जीवन का एक ही लक्ष्य हो कि ट्रैफ़िक में पागल नहीं होना है तो फिर...

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सॉफ़्ट स्टेट से हार्ड स्टेट बनने का व्हाट्सऐप वीडियो आया क्या ? 

हरेक आहट पर लगता है कि तुम हो। हर नोटिफ़िकेशन के साथ भी ऐसा ही लग रहा है मुझे। व्हाट्सऐप मेरा फ़्रेंड-फ़िलॉसफ़र-गाईड है। व्हाट्सऐप...

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