Category: Cars

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इमोशनल अपील

आज का वक्त ऐसा आ गया है जब कारों और मोटरसाइकिलें बहुत हद तक एक जैसे हो गए हैं। अगर तकनीकी और आंकड़ों के हिसाब से देखें तो बहुत हद तक मिलते जुलते। जैसे...

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लेह जा रहे हैं क्या ? मैं भी गया था..

पहले की तस्वीरें युग-युगांतर की मानी जाती थीं, या कमसेकम दिखती थीं, मोटे मोटे बख़्तरबंद एलबम में। आजकल होता ये है कि एक तस्वीर की उम्र दो से ढाई घंटे रह जाती है, मतलब...

दर्द-ए-दिल्ली: क्या ये दुस्साहस कर पाएंगे केजरीवाल ?  0

दर्द-ए-दिल्ली: क्या ये दुस्साहस कर पाएंगे केजरीवाल ? 

बिना किसी भूमिका के एक सवाल उछाल रहा हूं मैं दिल्ली के सीएम की तरफ़, वैसे उसमें एक चैलेंज का भी फ़्लेवर तो है। या कहें कि दोनों के बीच के भाव के साथ...

ऑड और ईवन: प्रदूषण का प्रेत और ट्रैफ़िक का चुटकुला  0

ऑड और ईवन: प्रदूषण का प्रेत और ट्रैफ़िक का चुटकुला 

चलिए कार्यक्रम ये है कि शुरूआत मुहावरे से करता हूं और अंत चुटकुले से करूंगा । बीच में भी कुछ लिखूंगा। कुछ ऐसा नहीं जिससे दुनिया बदलेगी, उससे दिल्ली भी नहीं बदलेगी। कॉलोनी-मोहल्ला क्या...

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अगर अाप चकित नहीं हो रहे तो फिर चेकअप की ज़रूरत है…

  भूमिका पार्ट-1: चकित होने का भाव कैसे आता है ? मेरे हिसाब से ये प्रोसेस कुछ ऐसा होता है…मन को कुछ अच्छा लगता है, जिसे वो चुनता है और फिर उस चाकित्य के...

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