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Category: Blog

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क्या केवल सुपरबाइक पर चर्चा करके देश के बाक़ी हिंमाशु बंसलों को बचा पाएंगे ?

नाटकीय मौत नाटकीय हेडलाइन बनाते हैं। सुपरबाइक और सुपरकार से मौत, हेडलाइन को सेंसेशनल बनाते हैं। मुझे हेडलाइन के नाटकीय होने से आपत्ति नहीं, पर चर्चा को अंधे मोड़ की तरफ़ धकेलने से आपत्ति...

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कब हार मानी होगी गोरखपुर के अस्पताल में बैठे उस पिता ने …और किससे ?

बच्चा दिमाग़ कई विडंबनाओं को देखकर उलझ जाता है। ऐसे ही किसी एक याद ना आने वाली बारीक़ी को जब समझने में दिक्कत हो रही थी तो मुझसे ठीक बड़ी बहन ने मुझसे कहा...

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21 अगस्त को तैयार रहिए, मर्सेडीज़ AMG GT-R और AMG GT Roadster के लिए.. 

मर्सेडीज़ ने अपनी कारों के काफ़िले को और बड़ा करने की दिशा में एक नहीं बल्कि दो ताक़तवर क़दम उठाने का ऐलान किया है। कंपनी अगस्त में लेकर आने वाली है अपनी तेज़ तर्रार...

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DSK बेनेली की फुल फ़ेयरिंग वाली 302 R

DSK बेनेली ने अपनी फुल फ़ेयरिंग वाली बाइक लौंच की है।   302R 3 लाख 48 हज़ार रु मात्र । कंपनी के मुताबिक स्टैंडर्ड ABS वाली ये मोटरसाइकिल ट्रैक ओरिएंटेड बाइक है। 3 रंग...

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डुकाटी एक बाइक में लाई दो रेट्रो स्टाइल- स्क्रैंबलर भी और कैफ़े रेसर भी

हाल में कैफ़े रेसर की चर्चा हम काफ़ी सुन रहे हैं। मोटरसाइकिलों की एक ऐसी रेसिंग कैटगरी जो साठ की  दशक में काफ़ी लोकप्रिय हुआ था। छोटी दूरी के वीकेंड रेसिंग के लिए। उस...

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क्या ‘कंपस’ की आकर्षक क़ीमत, भारतीय एसयूवी बाज़ार में ‘जीप’ की सफलता के लिए काफ़ी है ?

जीप को याद रखना होगा कि भले ही मालिक कंपनी के सिर्फ़ नाम में फ़िएट हो, उससे इन गाड़ियों का रिश्ता ना हो पर इसके लॉन्च के बाद सोशल मीडिया पर जो सवाल आए...

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क्या #Nexon है टाटा मोटर्स का सबसे बड़ा दाँव ? नई छोटी एसयूवी ‘नेक्सॉन’ की टेस्ट ड्राइव

देखना होगा कि कंपनी इसे उतना किफ़ायती बना पाती है या नहीं जितने का दावा कर रही थी। और इसकी क़ीमत ऐसी रख पाती है कि नहीं जो टाटा के ब्रांड से हिचकने वालों...

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Jeep की SUV हुई लाखों रु सस्ती

एसयूवी की ख़बरों में जीप आजकल काफ़ी चर्चा में है, जिसके पीछे वजह तो कंपनी की छोटी, सस्ती एसयूवी कंपस है जो जुलाई में ही लौंच हो रही है। पर फ़िलहाल ख़बर ये है...

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कांवड़िए तो अगले साल भी आएंगे, बारिश भी होगी। फिर क्या करेंगे ? 

  Kanwariyas and Rains are two events which come annually and DelhiWallahs start complaining and venting out annually. Why are we stuck ? Why not break this cycle ?

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ना तो ये मर्दानी लड़ाका हैं, ना लेडी विराट कोहली। अब शब्दावली बदलने का वक़्त आ गया है… 

ये सोच वैसी बिल्कुल नहीं है जो ऋषि कपूर की तरह ट्वीट करे कि सौरभ गांगुली जैसे सेलिब्रेशन होने वाला है या नहीं। ये वो सोच है जिस हज़ारों सालों से धूल जमी है,...

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