googlee02265c5a6f1a7c2.html

Author: Kranti Sambhav

0

कांवड़िए तो अगले साल भी आएंगे, बारिश भी होगी। फिर क्या करेंगे ? 

  Kanwariyas and Rains are two events which come annually and DelhiWallahs start complaining and venting out annually. Why are we stuck ? Why not break this cycle ?

0

ना तो ये मर्दानी लड़ाका हैं, ना लेडी विराट कोहली। अब शब्दावली बदलने का वक़्त आ गया है… 

ये सोच वैसी बिल्कुल नहीं है जो ऋषि कपूर की तरह ट्वीट करे कि सौरभ गांगुली जैसे सेलिब्रेशन होने वाला है या नहीं। ये वो सोच है जिस हज़ारों सालों से धूल जमी है,...

1

तो क्या पता है अब तक Tata Nexon के बारे में

क्या आप भी सोच रहे हैं छोटी एसयूवी लेने के बारे में ? दुविधा में हैं मारुति सुज़ुकी ब्रेज़ा, फ़ोर्ड एकोस्पोर्ट, रेनॉ डस्टर, निसान टेरानो और ह्युंडै क्रेटा के बीच ? तो तैयार हो...

0

Can the Government adopt these four ideas to save lives on Indian roads?

“Just like old currencies, driving licenses can be cancelled and reissued, not overnight but in a phased manner. Government should improve the training module, use more simulators in their upcoming driver examination centres, 2000...

0

सात सेकेंड का वीडियो हमारे ट्रैफ़िक की कौन सी ख़ामियां उजागर कर रहा है ?

दो दिन से एक वीडियो ने सोशल मीडिया और मेनस्ट्रीम मीडिया में काफ़ी चर्चा बटोरी हुई है। दिल्ली से सटे नौएडा और ग्रेटर नौएडा के बीच बने एक्सप्रेस्वे पर लगे सीसीटीवी कैमरे ने एक...

0

सड़कों पर जान बचाने के लिए सरकार क्या ये चार आइडिया अपना सकती है ? 

जब देश के मंत्री ही बोलें कि देश में एक तिहाई ड्राइविंग लाइसेंस फ़र्ज़ी हैं तो समझना मुश्किल नहीं कि भारत में ट्रांसपोर्टेशन की स्थिति कैसी है। पर समस्या ये है कि बाक़ी के...

0

सुना मुख्यमंत्री जी ने ट्रैफ़िक जाम के बॉटलनेक पर रिपोर्ट मांगी है ?

आख़िरकार एक फ़ैसले की ख़बर आ रही है। वो फ़ैसला जो फ़ैसले पर पहुँचने के लिए किया जाता है। ये कि अफ़सर जाएं और पता लगाएं कि दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफ़िक में बॉटलनेक्स...

0

क्या नोटबंदी की तरह अगर लाइसेंसबंदी लागू हो तो, सुरक्षित हो पाएंगी हिंदुस्तानी सड़कें ?

देश में सड़क हादसों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या 2020 तक सरकार आधा करने की कोशिश में है, मौजूदा तरीक़ों से मुमकिन नहीं लग रहा है। इसके लिए कई सारी नई चीज़ें...

1

हिंदुस्तानी ग्राहक कार ख़रीद का फ़ैसला कैसे करते हैं और इस कार के लिए कैसे किया ?

गाड़ियों की ख़रीद आईपीएल टूर्नामेंट जैसी होती है, जहाँ फ़ाइनल मैच से पहले पता नहीं कितने सेमी फ़ाइनल, क्वार्टर फ़ाइनल और अद्धा फ़ाइनल खेले जाते हैं। टीवी प्रोग्राम में गाड़ियों की जानकारी छान-छान कर...

0

क्या गाड़ियों की टेस्ट ड्राइव रिपोर्ट पर भरोसा कम हुआ है ?

फिर भी तमाम जानकारियों के बावजूद इंसान का दिमाग़ शायद वक़्त लगाकर लिए गए फ़ैसले को ज़्यादा तरजीह देता है इसीलिए हर लौंच के कई दिनों बाद तक मुझे सवाल आते रहते हैं…फ़ेसबुक…ट्विटर..यूट्यूब..इंस्टाग्राम पर..चलते-फिरते,...

googlee02265c5a6f1a7c2.html
%d bloggers like this: