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Monthly Archive: November 2016

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छलकाए “जाम” गुरुग्राम

“अब कोई भी घटना इतनी निरपेक्ष भी नहीं हो सकती है, अलग अलग भी नहीं, एक दूसरे से सबका संबंध होता है. हर एक घटना में पिछली किसी घटना से पड़ा बीज होता है....

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गुड समैरिटन लॉ : क्या अब सही ट्रैक पर आ पाएगा रोड सेफ्टी का मिशन…?

दिल्ली के निर्भया रेप कांड में एक मुद्दा ऐसा था, जो मामले की जघन्यता के चलते पृष्ठभूमि में चला गया था… वह मुद्दा था, निर्भया के लिए दिल्ली वालों का बर्ताव… उन दिल्ली वालों...

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बारिश में दिल्ली के ड्राइवर बौरा क्यों जाते हैं ?

क्या आप दिल्ली में रहते हैं ? या रहे हैं ? या फिर कभी आते-जाते रहे हैं ? या टीवी न्यूज़ देखते हैं ? इनमें से कोई भी एक सवाल का जवाब सही है...

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भोलेनाथ के नाम खुली चिट्ठी…

डियर भोलेनाथ, हो सकता है कि आप मुझे जानते हों, इसलिए नहीं कि मैं टीवी पर दिखता हूं, इसलिए क्योंकि आप तो ब्रह्मा-विष्णु-महेश में से एक हैं, तो इसीलिए शायद। बाक़ी जो जनसंख्या है...

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क्या पॉपकॉर्न फ़िल्मों की जान ले रहा है ?

इस सवाल का कोई गहरा मतलब नहीं, पॉपकॉर्न से मेरा मतलब आज की संस्कृति नहीं है और फ़िल्मों की जान ख़तरे में है कोई समाजशास्त्रीय चिंता नहीं है। सवाल राजनैतिक भी नहीं, कि कोई...

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क्या नया मोटर वेह्किल एक्ट बचा पाएगा जानें ?

नाकाम रही कोशिशें ? सड़क पर सुरक्षा को लेकर पिछले एक-दो साल में कई कैंपेन हमने देखे, कुछेक का तो मैं हिस्सा भी रहा। रोड सेफ़्टी को लेकर एक तरफ़ ग्राउंड ईवेंट हो रहे...

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लेह जा रहे हैं क्या ? मैं भी गया था। 

पहले की तस्वीरें युग-युगांतर की मानी जाती थीं, या कमसेकम दिखती थीं, मोटे मोटे बख़्तरबंद एलबम में। आजकल होता ये है कि एक तस्वीर की उम्र दो से ढाई घंटे रह जाती है, मतलब...

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लेह यात्रा पार्ट 2: खारदुंग-ला सबसे ऊँचा ?

( * शुरू में ही बता दूं कि हो सकता है आगे लिखी बातों के बारे में आपको पहले से जानकारी हो, लेकिन मुझे पता नहीं था। कभी ध्यान नहीं दिया था। वैसे जो हालत खार्दुंग...

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ओलंपियन्स के नाम बरसाती फ़ैन की चिट्ठी

डियर ओलंपियन्स, आज छुट्टी थी तो शाम को टीवी पर एचडी चैनल लगाकर, आवाज़ तेज़ करके आपही सबको देख रहा था।आपमें से ज़्यादातर को पहचान नहीं पाया लेकिन उसमें मेरी ग़लती नहीं, आपकी है।...

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लेह यात्रा पार्ट 3: एसयूवी वाला साधु !

( सबसे पहले ज़ेहन में एक शीर्षक आया “द मौंक हू ड्रोव हिज़ एक्सयूवी – उस किताब से प्रेरित होकर जो मैंने पढ़ी नहीं लेकिन जिसका नाम काफ़ी प्रचलित है- ‘मौंक हू सोल्ड हिज़...

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